इंदौर। केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रमिक कानूनों को समाप्त कर श्रमिकहित विरोधी 4 श्रम संहिताएं लागू की गई हैं । इसका देश के अनेक बैंक कर्मचारी संगठन, किसान संगठन , श्रमिक मजदूर संगठन, विरोध कर रहे हैं।

इस विरोध में आज 12 फरवरी को देश में 25 करोड़ से अधिक श्रमिक ,कर्मचारी औद्योगिक एवं खेतिहर श्रमिक हड़ताल पर रहे. इस हड़ताल में देश के विभिन्न राज्यों में काम करने वाले साढ़े चार लाख से अधिक बैंककर्मी शामिल हुए।
बैंक कर्मचारी आज श्रम संहिता का विरोध करते हुए बैंकों के निजीकरण, विनिवेश, मर्जर, पुरानी पेंशन योजना आदि मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे.
बैंक कर्मचारी संगठन के अनुसार इस हड़ताल के कारण स्टेट बैंक आफ इंडिया के अलावा संपूर्ण सार्वजनिक बैंकिंग ठप्प रहा. इसके साथ ही अनेक निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंकों के अलावा जीवन बीमा, आम बीमा, कोल, खनिज, डाक, रेल कारखाने,शिपयार्ड, औद्योगिक कारखाने आदि में भी आम हड़ताल रही. इस आम हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा ने सक्रिय समर्थन प्रदान किया.
इंदौर नगर के लगभग 3 हजार बैंककर्मियों ने सुबह दस बजे से गांधी हाल स्थित अभिनव कला समाज परिसर में एकत्रित हो कर जंगी विरोध प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में उपस्थित महिला बैंककर्मियों ने जोशीले नारे लगाए. प्रदर्शन के पश्चात बैंककर्मियों की आम सभा हुई जिसे बैंककर्मी संगठनों तथा अन्य केंद्रीय श्रम संगठनों के पदाधिकारी सर्वश्री मोहन कृष्ण शुक्ला,अरविंद पोरवाल, नवीन मोदी,ऋचा गांधी, अजीत केतकर, अनिल सुरवडे, लक्ष्मी नारायण पाठक, रामस्वरूप मंत्री, प्रमोद नामदेव,राहुल निहोरे, महेश गौहर आदि ने संबोधित किया.
कार्यक्रम में केन्द्रीय श्रम संघों के सर्वश्री श्यामसुंदर यादव, रुद्र पाल यादव,कैलाश लिंबोदिया, सीएल सर्रावत आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई. सभा का संचालन मोहन कृष्ण शुक्ला ने किया और अंत में धन्यवाद रामदेव सायडीवाल ने दिया।
इसी प्रकार के प्रदर्शन आज भोपाल , ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य शहरों में भी किए गए।
– अमिताभ पाण्डेय






