भोपाल।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोपाल नगर निगम द्वारा शहर की ऐतिहासिक इमारतों के नाम परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर नगर निगम भोपाल के इस प्रस्ताव को निरस्त करने हेतु तत्काल निर्देश देने का अनुरोध किया है।
श्री सिंह ने बताया कि एडवोकेट नवेद अख्तर हाशमी, निवासी 36, चार बत्ती चौराहा, बुधवारा, भोपाल द्वारा इस विषय में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें नगर निगम भोपाल द्वारा पारित संकल्प क्रमांक 05 दिनांक 24.07.2025 के माध्यम से शहर की ऐतिहासिक संस्थाओं — हमीदिया अस्पताल, हमीदिया कॉलेज एवं हमीदिया स्कूल सहित अन्य संस्थानों के नाम परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर गहरी आपत्ति व्यक्त की गई है।
उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं भोपाल के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ी हुई हैं। नवाब हमीदउल्ला खां न केवल भोपाल रियासत के शासक रहे, बल्कि उन्होंने देश की आज़ादी के आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नाम से जुड़ी ऐतिहासिक संस्थाओं के नाम बदलने का प्रस्ताव न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को कमतर आँकने का प्रयास भी है।
श्री सिंह ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम द्वारा पारित यह प्रस्ताव बेबुनियादी तथ्यों पर आधारित है और इसका कोई तार्किक अथवा ऐतिहासिक औचित्य नहीं है। इस प्रकार के निर्णय समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा करते हैं और प्रदेश की गौरवशाली विरासत को ठेस पहुँचाते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भोपाल शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम भोपाल के इस आधारहीन एवं विवादास्पद प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने हेतु संबंधित अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए जाएँ।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान की रक्षा करते हुए इस विषय में संवेदनशील एवं न्यायोचित निर्णय लेगी।





