हर शहर में सीवरेज योजना की जांच हो: सकलेचा 

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भोपाल ।

इंदौर में गंदे पानी से हुई मौत के लिए राज्य शासन जिम्मेदार है। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए आयोग का गठन किया जाना चाहिए। यह बात वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कही।

श्री सकलेचा ने कहा कि इंदौर की घटना पीने की पाइप लाइन में सीवर की गंदगी के मिलने से हुई है। यह प्रक्रिया प्रत्येक उस शहर में हो रही है, जहां सीवरेज की पाइपलाइन डाली गई है। जो इंदौर में हुआ है वह धीमी गति से प्रत्येक शहर में घट रहा है। आज नहीं तो कल इस घटना की सारे शहरों में‌ पुनरावृत्ति होगी। 

श्री सकलेचा ने कहा कि जब तक सीवरेज योजना नहीं थी, सीवर की गंदगी नाली में बह जाया करती थी। बड़े बजट की योजना के बाद‌ भी ऐसा खराब काम हुआ कि सीवरेज के चेंबर सड़कों पर ओवरफ्लो हो रहे हैं। सड़कों पर गंदगी बह रही है और यह वाहन के माध्यम से, पांव के माध्यम से, पशु-पक्षी से, घरों में प्रवेश कर रही है ।

श्री सकलेचा के अनुसार प्रत्येक शहर की सीवरेज योजना में निम्न गुणवत्ता के पाइप का उपयोग किया गया, जिसके बारीक-बारीक छिद्रों से सीवर की गंदगी बाहर निकल कर पीने की पाइप लाइन में मिल रही है। पाइप के जॉइंट में किसी भी प्रकार का केमिकल लगाकर उसे एयर टाइट नहीं करने से सीवर का रिसाव हमेशा बना रहता है। सीवरेज की पाइप लाइन, पीने के पानी की पाइपलाइन से 4-6 फीट दूर होना चाहिए लेकिन इस नियम का कहीं भी पालन नहीं किया गया । 

अधिकांश जगह सिवरेज की लाइन और पानी की लाइन साथ-साथ चल रही है या ऊपर नीचे चल रही है तथा सीवरेज की पाइप लाइन की गहराई भी नियमानुसार नहीं है। पाइपलाइन के नीचे और ऊपर गिट्टी और सीमेंट का भराव भी नहीं किया गया है। 

 खुदाई के समय जो मिट्टी निकाली थी, उसी को वापस भराव में डाल दिया गया। श्री सकलेचा के अनुसार सीवरेज योजना में जो मेन होल, हाउस चैंबर और गली चैंबर बनाए गए हैं, उनमें अंदर और बाहर प्लास्टर नहीं करने से सीवर की गंदगी निरंतर बाहर निकल कर पास में गुजर रही पीने की पाइप लाइन में मिल रही है ।

श्री सकलेचा ने कहा कि रतलाम में भी सीवरेज योजना के बाद से आधे शहर में गंदा पानी आ रहा है। कई स्थानों पर पानी में मल के टुकड़े , बदबू , तथा कीड़े होते हैं। 

उल्लेखनीय है कि रतलाम शहर के कांग्रेस पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान की एनजीटी में पीने के पानी में सिवर की गंदगी को‌ लेकर चल रही पिटीशन की सुनवाई में एनजीटी ने हाल ही में अपने आदेश में नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को कड़ी फटकार लगाई है‌।

श्री सकलेचा ने मांग की है कि निरपराध 20 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु के जिम्मेदारों को कड़ी सजा देने के लिए, अन्य शहरों में इस घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए, उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए। शासन को उन सभी नगरों में जहां सिवरेज लाइन डाली गई है, उसके क्रियान्वयन का आईआईटी मुंबई या इंदौर के द्वारा गहन परीक्षण करवाना चाहिए। नहीं तो जो इंदौर में हुआ है, वह प्रत्येक उस शहर में दोहराया जाएगा, जहां सीवरेज की पाइपलाइन डाली गई है।

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