सासाराम (रोहतास , बिहार) : रोहतास जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को सिविल कोर्ट, सासाराम से “बाल विवाह मुक्ति रथ” को रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला जज अनुज कुमार जैन ने रथ को सिविल कोर्ट के गेट नंबर-1 से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अभियान के माध्यम से अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प दोहराया और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के समर्थन में अपने हस्ताक्षर किए। रथ को उद्देश्य पूर्ण करने की कामना के साथ विदा किया गया।
यह रथ आगामी छह दिनों तक जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, ग्रामीण इलाकों और टोलों में जाकर लोगों को बाल विवाह कानून, इसके दुष्परिणाम और कानूनी सजा के प्रावधानों की जानकारी देगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार कृष्ण देव ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज में जागरूकता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह रथ गांव-गांव जाकर बाल विवाह से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएगा।
सुराज संस्था के सचिव डॉ. ठाकुर रवीन्द्र नाथ ने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के गंभीर नुकसान और उस पर कानूनी रोक के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही चौक-चौराहों पर बाल विवाह रोकने के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक कर बाल विवाह विरोधी कमेटियों का गठन किया जाएगा, ताकि बाल विवाह पर स्थायी और प्रभावी रोक लगाई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक पदाधिकारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को पूरी तरह समाप्त करना है।







