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ऑनलाइन फ्री कोचिंग की घोषणा हुई लेकिन गांव में नेटवर्क नहीं मिलता

August 17, 2026 · Editor

लाल किले की प्राचीर से 80वें आजादी के पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑनलाइन फ्री कोचिंग और एक करोड़ युवाओं को एआई मे प्रशिक्षण देने की घोषणा की। यह पूरा मंत्र युवाओं को रिझाने के लिये है लेकिन ऑनलाइन कोचिंग को कई अड़चने मुँहबाये ख़डी है।

देश की जनसंख्या लगभग डेढ़ अरब है जबकि मोबाइल धारकों की संख्या 1 करोड़ 30 लाख के लगभग है। ग्रामीण अंचल में नेटवर्क ना मिलने पेचीदगी अलग से है। इन हालातों में कैसे घोषणा पूरी होंगी, बड़ा सवाल है।

देश की करीब डेढ़ अरब जनसंख्या और केवल 1 करोड़ 30 लाख लोगों के पास मोबाइल है। यह आंकड़े स्वतः बहुत कुछ दर्शाते और संकेत देते हैं। गाँवों मे आज भी नेटवर्क की दुर्दशा है।

अकेले शहरी मोबाइल धारकों के आंकड़े देखकर आंकलन संभव नहीं। सच को देखकर कैसे प्रधानमंत्री की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा जमीनी स्तर पर कितनी सफल होंगी? जब जनसंख्या को आधारित कर मोबाइल धारकों और किस मोबाइल कंपनी के पास कितने उपभोक्ता के डाटा खंगाले गये यों जमीनी हकीकत सामने आ गई।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, देश में मोबाइल (वायरलेस) उपभोक्ताओं की कुल संख्या लगभग 130 करोड़ है।

देश की प्रमुख मोबाइल कंपनियों के पास उपलब्ध उपभोक्ताओं की स्थिति इस प्रकार है:

  • रिलायंस जियो (Reliance Jio): लगभग 50.35 करोड़ (39.25% बाजार हिस्सेदारी)
  • भारती एयरटेल (Bharti Airtel): लगभग 48.67 करोड़ (37.81% बाजार हिस्सेदारी)
  • वोडाफोन आइडिया (Vi): लगभग 20.08
  • बीएसएनएल (BSNL): लगभग 9.40 करोड़ (7.31% बाजार हिस्सेदारी) ।
  • अब डेटा धारी उपभोक्ता का आंकड़ा देखिये: रिलायंस जियो (Reliance Jio) के पास सबसे ज्यादा 50.1 करोड़ से अधिक वायरलेस और डेटा ग्राहक हैं।
  • इसके बाद भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के पास लगभग 36.8 करोड़, वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के पास 19.3 करोड़ और बीएसएनएल (BSNL) के पास करीब 3.7 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं।
  • ग्रामीण अंचल मे नेटवर्क के आंकड़े भारत में कुल लगभग 6,44,131 गांव हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के करीब 8,985 गांवों में अभी भी मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं है। जिसमें कर्नाटक में 470 गांव, ओडिशा में 1,237, अरुणाचल प्रदेश में 1,185, मध्य प्रदेश में 960 और महाराष्ट्र में 872 गांव मे नेटवर्क सुविधा से वंचित है।
  • सरकार के आंकड़े दर्शाते हैं कि अभी भी कई गांव मोबाइल नेटवर्क सुविधा से वंचित है। ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क बड़ी समस्या है। सरकार ने विभिन्न विभागों मे जब ऑनलाइन हाजिरी का फरमान जारी किया तो विरोध भी शुरू हुआ था।
  • मानना था कि जब नेटवर्क नहीं होगा तो ऑनलाइन हाजिरी कैसे भरी जायेगी। यानि जमीनी हकीकत है कि मोबाइल टावर के बाबजूद नेटवर्क नहीं मिलने की परेशानी है। इस सच के बाद शहरी सम्पन्न लोग तो निःशुल्क कोचिंग का अधिक लाभ उठा पाएंगे पर जिन गांवों में इस ऑनलाइन क्रांति की जरूरत है वह फिर मुँह ताकतें रह जायेंगे।
  • फिर सभी मोबाइल कंपनी के नेटवर्क महंगे है जो पूरे महीने का रिचार्ज नहीं देते। समस्या गंभीर है फिर भी देखना होगा कि प्रधानमंत्री कि यह योजना किस तरह जमीन पर उतरती है और कौन लाभित होता है।

– धीरज चतुर्वेदी

( लेखक छतरपुर, बुंदेलखंड के वरिष्ठ पत्रकार हैं । )

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