नई दिल्ली: नीति आयोग ने वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर के कारोबार से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत होती तस्वीर साफ नजर आ रही है।
वस्तु और सेवा- दोनों ही क्षेत्रों में निर्यात में लगभग 8.5 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। सेवा व्यापार में 50.9 अरब डॉलर का सरप्लस दर्ज होना भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है। विद्युत मशीनरी के निर्यात में 33% की तेज वृद्धि रही है। शीर्ष 10 निर्यात बाज़ारों का कुल निर्यात में 52.5% योगदान रहा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर, जो GDP में 3.4% योगदान देता है और 25 लाख नौकरियां सृजित कर चुका है, तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालिया बजट में ECMS के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान घरेलू विनिर्माण को मजबूती देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, मूल्य संवर्धन और उन्नत विनिर्माण पर फोकस के साथ भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।







