स्वास्थ्य में एआई का समझदारी से उपयोग बड़ा वरदान बन सकता है
आज नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ औषध और जीवन विज्ञान सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी और जीन थेरेपी परियोजनाओं में निजी क्षेत्र के साथ सरकार का मजबूत सहयोग रहा है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विवेकपूर्ण उपयोग स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकता है। आज नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ औषध और जीवन विज्ञान सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी और जीन थेरेपी परियोजनाओं में निजी क्षेत्र के साथ सरकार का मजबूत सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि एहतियाती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के निर्यात से एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रोवाइडर के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि भारत का औषधि बाजार तेजी से बढ़ा है और सरकार ने प्रौद्योगिकी परियोजनाओं की मदद के लिए अनुसंधान और विकास निधि की शुरुआत की है। इसके तहत स्वास्थ्य और कृषि, निजी कंपनियों को सीधे वित्त पोषण शामिल है।