भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कल रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, चुनौतियों और संभावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक रोजगारपरक, नवाचार उन्मुख और भारतीय मूल्यों से जोड़ना रहा। कार्यशाला में एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे न्यू-एज स्किल्स, शैक्षणिक संस्थाओं की सामाजिक जिम्मेदारी और नीति के बेहतर क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
भारत में सांसदों को नहीं है जलवायु परिवर्तन की चिंता?
– (अमिताभ पाण्डेय) इन दिनों सारी दुनिया के देश जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव से परेशान हैं। इस वैश्विक समस्या के समाधान को लेकर देश – दुनिया में लगातार चर्चा और…





