नई दिल्ली
पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस आपसी टकराव से जूझ ही रही है और इस बीच उसे एक और झटका लगा है। प्रदेश में कांग्रेस के दलित चेहरे और पूर्व जोगिंदर सिंह मान ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब एग्रो इंजस्ट्रीज कॉरपोरेशन के चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है। जोगिंदर मान बीते 50 सालों से कांग्रेस का हिस्सा थे। इससे समझा जा सकता है कि पार्टी के साथ उनके कितने पुराने संबंध थे और उनकी विदाई से कांग्रेस को कितना बड़ा झटका लगेगा। अब तक उनकी विदाई को लेकर कांग्रेस के किसी नेता ने टिप्पणी नहीं की है। माना जा रहा है कि वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। फगवाड़ा से तीन बार विधायक रहे जोगिंदर मान ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा, 'मेरा सपना था कि मैं जब मरूं तो कांग्रेस का तीन रंगों वाला झंडा मेरे शव पर हो। लेकिन आज मैं कांग्रेस छोड़ रहा हूं। इसकी वजह यह है कि पार्टी ने पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम में गड़बड़ी करने वाले लोगों को संरक्षण दिया है। अब मेरी अंतरात्मा नहीं कहती कि मुझे कांग्रेस में रहना चाहिए।' उन्होंने कहा कि कुछ अवसरवादी नेताओं ने अपने हितों की पूर्ति के लिए पार्टी जॉइन की है। यही नहीं पार्टी अपनी कोर वैल्यूज से भटक गई है।

जोगिंदर मान ने कहा कि बीते कुछ महीनों से मैं रातों को सो नहीं पा रहा हूं। मेरी चिंता है कि लाखों दलित छात्रों को उनके हक की स्कॉलरशिप नहीं मिल पाई है। इसके अलावा उन्होंने एक बार फिर से अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि फगवाड़ा को जिला का दर्जा दिया जाना चाहिए। जोगिंदर मान ने कहा कि फगवाड़ा के लोगों को अपने प्रशासनिक कामों के लिए 40 किलोमीटर की यात्रा करके कपूरथला तक जाना पड़ता है। मैं इस मांग को लगातार दोहराता रहा हूं, लेकिन इस पर कभी कोई काम नहीं किया गया।

 

Source : Agency