नई दिल्ली
2024 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में कांग्रेस का खेल बिगड़ने वाला वाला है, क्योंकि टीएमसी का गेमप्लान तैयार है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए खुद को भाजपा के खिलाफ मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना को तेज करना शुरू कर दिया है। टीएमसी का लक्ष्य आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को 2024 के लिए विपक्ष के मुख्य चेहरे के रूप में पेश करना है। इस कदम से स्वाभाविक रूप से कांग्रेस के साथ टीएमसी का टकराव होगा, क्योंकि कांग्रेस अबतक खुद को मुख्य विपक्षी पार्टी की भूमिका में देखती रही है। टीएमसी के एक सूत्र ने बताया कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस यानी एआईटीसी क्योंकि लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपने पदचिह्न का विस्तार कर रही है, ऐसे में पार्टी को संविधान में बदलाव करना होगा। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी इस मामले पर अंतिम निर्णय लेंगी। पार्टी कार्य समिति के ढांचे में कुछ बदलाव लाए जाएंगे। फिलहाल, इस समिति में 21 हैं सदस्य। इसे बढ़ाया जाएगा, क्योंकि पार्टी मेघालय, त्रिपुरा, गोवा और असम में अपना नेटवर्क फैलाएगी। 

हालांकि, टीएमसी के दिग्गज नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि इससे पार्टी के डीएनए में कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन पार्टी के संविधान में कुछ चीजें बदल जाएंगी। हमने तरीकों पर चर्चा की है और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ही अंतिम मंजूरी देंगी। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के बाद लगातार ममता बनर्जी अन्य राज्यों का दौरा कर रही हैं और नेताओं को टीएमसी में जोड़कर पार्टी को मजबूत कर रही हैं। पार्टी के संविधान में बदलाव टीएमकी की महत्वाकांक्षा के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम होगा। टीएमसी की नवगठित कार्य समिति में हिंदी भाषी क्षेत्रों के नेताओं को भी जगह मिलेगी, जो पार्टी के महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक है। इस समिति में पश्चिमी क्षेत्र के नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है। हालांकि, केवल ममता बनर्जी ही 'वीटो पावर' के साथ इस समिति में बनी रहेंगी। पार्टी के अंदरूनी सूत्र ने कहा कि चूंकि तृणमूल कांग्रेस का लक्ष्य आने वाले दिनों में राष्ट्रव्यापी उपस्थिति वाली एक पार्टी बनना है, ऐसे में कार्यसमिति में अन्य राज्यों से भी अधिक सदस्यों को शामिल किया जाएगा, जहां इसका विस्तार हुआ है। अगली कार्यसमिति की बैठक नई दिल्ली में होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर टीएमसी बड़ा कदम उठाएगी। ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में अपने आवास पर पार्टी सांसदों, विधायकों और बंगाल, गोवा, मेघालय और त्रिपुरा के नेताओं के साथ अपनी पार्टी की कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता की। वहीं, आज से ममता तीन दिनों के लिए मुंबई दौरे पर जा रही हैं, जहां वह उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मुलाकात करेंगी। 
 

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