श्रीनगर

भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर सीजफायर समझौता हुआ है। हालांकि पड़ोसी देश अपनी हरकतों से अब भी बाज नहीं आ रहा है। इसका खामियाजा भी उसे भुगतना पड़ता है। भारतीय जवानों ने इस साल अब तक के विभिन्न मुठभेड़ों में 144 आतंकवादी मारे हैं। इस दौरान दो आम नागरिक की भी मौत हो गई। आईजीपी (कश्मीर) विजय कुमार ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है। कुमार ने कहा, "पिछले साल मुठभेड़ों के दौरान 207 आतंकवादी मारे गए थे और क्रॉस फायरिंग में केवल एक नागरिक मारा गया था।" उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मुठभेड़ों के दौरान क्रॉस फायरिंग में केवल तीन नागरिक मारे गए थे और यह पिछले तीन दशकों में सबसे कम है।

11 जवान हुए शहीद
सीआरपीएफ अधिकारी ने बताया है कि इस साल आतंकवादियों से लोहा लेने में सीआरपीएफ के कुल 11 जवान शहीद हो गये हैं। बताया गया कि पिछले सात दिनों में कुल 27 लेफ्ट-विंग चरमपंथियों को पकड़ा गया है। इनमें से 13 को छत्तीसगढ़ से पकड़ा गया, बिहार से तीन और झारखंड से 11 चरमपंथियों को पकड़ा गया है। सीआरपीएफ ने इस आतंकियों से लोहा लेते वक्त मारे जाने वाले लोगों को दिये जाने वाली अनुग्रह राशि की फिर से समीक्षा भी की है। इसे 21.5 लाख से बढ़ाकर 35 लाख कर दिया गया है। इसके अलावा दूसरे केस में रिस्क फंड 16.5 लाख रुपए को बढ़ाकर 21.5 लाख रुपया किया गया है। यह फैसला सीआरपीएफ गवर्निंग बॉडी की सलाना बैठक में लिया गया है।


TRF कमांडर समेत 3 ढेर
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 'द रेजस्टिेंस फ्रंट' का एक शीर्ष कमांडर समेत तीन आतंकवादी मारे गए। पुलिस ने बताया कि रामबाग इलाके में आज शाम एक संक्षप्ति मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गये।  पुलिस के एक ट्वीट में कहा, 'पुलिस ने श्रीनगर में तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गये आतंकवादियों की पहचान और वे किस संगठन से ताल्लुक रखते थे, इसका पता लगाया जा रहा है।' आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मारे गये आतंकवादियों में से एक की पहचान टीआरएफ कमांडर मेहरान यासीन शला के रूप में हुई है, जो श्रीनगर में नागरिकों की हत्याओं में शामिल था। इसका मारा जाना श्रीनगर में आतंकवादियों के लिए बड़ा झटका है। इस घटना के बाद  श्रीनगर के विभन्नि इलाकों से बंद और विरोध की रिपोर्टें भी आ रही हैं।

Source : Agency